About

 

परिचय

वैसे मेरा नाम तो अशफाक अहमद है और मूलतः सीतापुर का रहने वाला हूं, जो भी पढ़ाई-लिखाई  हुई, वह सीतापुर में ही हुई। कम उम्री में ही सीतापुर छोड़कर मुंबई चला गया, जहां आठ साल रहा और 2001 में वापस लौट आया, जहां गारमेंट से सम्बंधित काम शुरु किया और शादी की, फिर 2013 में लखनऊ शिफ्ट हो गया और अपने काम के साथ ही लेखन कार्य शुरु किया। कुछ न्यूज पोर्टल्स पर लिखने के साथ ही अपनी एक ब्लॉग साईट शुरु की और आखरवाणी के रूप में एक ऑनलाइन मैग्जीन शुरु की। 2019 में जिहादी परिंदे के रूप में पहली किताब प्रकाशित हुई और 2020 में ग्रेडिअस पब्लिशिंग हाउस के रूप में पब्लिकेशन की शुरुआत की, जिससे पहली किताब मेरी गाॅड्स एग्जिस्टेंस पब्लिश हुई।

ग्रेडिअस पब्लिशिंग हाउस वह पब्लिकेशन है जिसकी तरफ से मैंने कई ब्लॉग पेज बनाये हुए हैं जिनमे आखर वाणी भी एक ऐसा ही ब्लॉग पेज है, जिसे ऑनलाइन मैग्जीन की संज्ञा दी जा सकती है ,जहां बहुत से काबिल, हुनरमंद और अपनी फील्ड्स में एक्सपर्ट लेखकों की रचनायें साझा की जाती हैं, पब्लिकेशन से सम्बंधित सभी लिंक्स तो आपको मेन पेज और मेनू से मिल जायेंगे लेकिन अगर पब्लिकेशन से इतर मेरे बारे में जानना चाहते हैं तो सोशल मीडिया पर मेरी मौजूदगी के निशान जा बजा फैले हुए हैं.. जैसे इस वेबसाईट के सिवा भी मेरी दो मेन वेबसाईट हैं जो आपको यहाँ मिलेंगी.. लफ्ज़तराश और WordSmith के नाम से।
फेसबुक पर मेरा एक पेज मौजूद है जिसे आप यहाँ से पा सकते हैं Ashfaq Ahmad… और दो प्रोफाईल हैं जिनमें एक Ashfaq Ahmad से मैं सीरियस किस्म की पोस्टें करता हूँ जबकि आईडी अशफ़ाक़ अहमद से मैं हल्का फुल्का हास्य-व्यंग्य करता हूँ।
इनके साथ ही इंस्टाग्राम पर मेरा Ashfaq Ahmad के नाम से पेज है और लिंक्ड इन पर मैं आपको अशफ़ाक के रूप में मिलूंगा तो ट्विटर पर Ashfaq Ahmad के रूप में। इनके सिवा यूट्यूब पर भी ढूँढेंगे तो मैं आपको अशफ़ाक के नाम से ही मिल जाऊंगा.. इनके सिवा मैं टंबलर और मीडियम पर भी पाया जाता हूँ।
हाँ अमेजाॅन फ्लिपकार्ट के सिवा ऑनलाइन सेल के लिये मेरा अपना भी स्टोर है ग्रैडिअस पब्लिशिंग हाउस के रूप में और इंस्टामोजो पर भी मैंने अपना स्टोर ग्रेडिअस बुक स्टोर के रूप में खोल रखा है। या फिर ई-बुक्स आप अमेज़ान से भी ले सकते हैं... और स्मैशवर्ड के मेरे अपने पेज से भी।




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