अपराधबोध

October 19, 2025
    रात की स्याही गहराती चली जा रही थी और जमीन पर शांत लेती पटरियों पर ट्रेन धड़धड़ाती हुई भागती चली जा रही थी— जमीन के सीने पर कंपकंपाहट के...Read More

गिद्धभोज

October 19, 2025
   खिलावन ऐसे भाग आया था जैसे सैकड़ों भूत शोर मचाते उसके पीछे पड़े हों। बाहर सब गर्म था लेकिन उसके भीतर सब उससे ज्यादा गर्म था। हवा थमी हुई ...Read More