इद्दत एक व्यथा
दरवाजे पर हुई दस्तक ने रफिया को चौंका दिया। इस वक्त कौन हो सकता था— उसने सामने पढ़ते राशिद और ज़ारिया को देखा। वह भी उसे सवालिया निगाहों से ...Read More
कश्मीर यात्रा के अनुभव: कश्मीर मैं तीस साल पहले रह चुका हूँ, जब यहां हालात इतने बुरे थे कि कोई सरकार ही नहीं थी और सबकुछ फौज के कंट्रोल मे...