द ब्लडी कैसल
द ब्लडी कैसल
ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिये टेन मिलियन डॉलर की ईनामी रकम वाला एक रियलिटी शो 'द ब्लडी कैसल' लांच होता है जो हॉरर थीम पर होता है। यह शो सेशेल्स के एक निजी प्रापर्टी वाले हॉगर्ड आइलैंड पर आयोजित होता है जहां हांटेड प्लेस के तौर पर मशहूर किंग्समैन कैसल में कंटेस्टेंट्स को सात दिन और सात रातें गुजारनी होती है और जो भी कंटेस्टेंट सबसे बेहतर ढंग से सामने आने वाली हर चुनौती से लड़ेगा, उस हिसाब से उसे वोट मिलेंगे... सबसे ज्यादा वोट पाने वाला विनर होगा।
'द ब्लडी कैसल' टीम कैसल या आइलैंड के डरावने माहौल के सिवा भी अपनी तरफ से विज्ञान और तकनीक के इस्तेमाल के साथ उन्हें डराने की हर मुमकिन कोशिश करेगी कि उनकी हिम्मत का सख्त इम्तिहान लिया जा सके। उनके हर पल को रिकार्ड करने के लिये कैसल समेत न सिर्फ़ पूरे आइलैंड पर बेशुमार कैमरे होंगे बल्कि ड्रोन कैमरों की मदद भी ली जायेगी और उनकी सांसों पर भी कान बनाये रखने के लिये उनके गलों में एडवांस किस्म के रेडियो कॉलर पहनाये जायेंगे। उन कंटेस्टेंट्स से टीम कोई भी डायरेक्ट संवाद नहीं करेगी, न ही उन्हें किसी तरह की मदद उपलब्ध कराई जायेगी। कंटेस्टेंट्स को यह सात दिन अपने ढंग से बिताने के लिये पूरी छूट होगी और वे चाहें तो रेप और मर्डर तक कर सकते हैं।
शो के पहले सीजन के लिये भारत के अलग-अलग शहरों से आठ लोग चुने जाते हैं जो अलग-अलग फील्ड से थे। दिखने में यही लगता है कि उनका सलेक्शन रैंडमली हुआ है और वे सभी एक दूसरे से एकदम अनकनेक्टेड लोग थे। सारे नियम समझाने के बाद उन्हें आइलैंड पर पहुंचा दिया जाता है और उनका सफर शुरू होता है। उन्हें पहले दिन तो यह एक रियलिटी शो ही लगता है जहां दिन से लेकर रात तक उन्हें डराने की हल्की-फुल्की कोशिश होती है... लेकिन अगले दिन से ही वे कनफ्यूज होने लगते हैं कि यह वाकई कोई शो था और उन्हें डराने वाली सारी कोशिशें मैनमेड एफर्ट्स थीं।
तीसरे दिन से वे वाकई डरना शुरू कर देते हैं और उन्हें अहसास होता है कि दरअसल वहां वाकई पैरानार्मल एक्टिविटीज हो रही थीं और 'द बल्डी कैसल' टीम का कैसल की बुरी शक्तियों से एक समझौता हुआ था। शो के नाम पर उनका शिकार बनाया जा रहा था और एंटरटेनमेंट के नाम पर उनकी दुर्दशा को बेचा जा रहा था। उन्हें यह भी अहसास होता है कि वे रैंडमली नहीं चुने गये बल्कि उन्हें टार्गेट किया गया है और उनसे किसी तरह का बदला लेने के लिये यहां लाया गया है। वे भले दिखने में एक दूसरे से एकदम असम्बंधित हों मगर अतीत में उनके बीच कोई ऐसा कॉमन पाप घटित हुआ है जिससे वे सब जुड़े हुए हैं और शो का आर्गेनाइजर उसी पाप का शिकार हुआ है जो अब इतने यूनीक तरीके से उनसे बदला ले रहा है।
तीसरी रात जब एक कंटेस्टेंट की जान चली जाती है, तब उन्हें अपनी बातों पर यकीन हो जाता है कि वे सब यहां मरने के लिये छोड़े गये हैं। तब वे दिन भर आपस में चर्चा करते शाम को इस नतीजे पर पहुंच जाते हैं कि आखिर वह कौन सा पाप था जिसके तार उन सबसे जुड़े हुए थे और तब उन्हें वह शख्स नजर आता है जिसके बदले का शिकार वे हो रहे थे। उन्हें यकीन हो जाता है कि वह जगह वाकई हांटेड थी और बदले के नाम पर उन्हें वहां मारने ही लाया गया था। उनकी तकलीफ, उनके संघर्ष और उनकी मौत को रिकार्ड करके शो के नाम पर पूरी दुनिया में बेचा जा रहा था। वे जिंदगी से नाउम्मीद हो जाते हैं लेकिन उस जगह से निकलने या टीबीसी टीम से लड़ने की उनकी हर कोशिश नाकाम हो जाती है।
उनकी हर अगली रात कयामत साबित होती है और लगातार खौफ से जूझते सातवें दिन तक सात लोग मारे जाते हैं, लेकिन उनमें से किसी की भी जान सीधे शो वालों ने नहीं ली थी, बल्कि वे सभी अपनी ही वजहों से मारे गये थे... ऐसे में आखिरी शाम अकेली बची लड़की से 'द ब्लडी कैसल' शो को डिजाइन करने वाला शख्स मिल कर उसे कई ऐसी बातें बताता है जो उसके अब तक बने भ्रम को तोड़ देती हैं लेकिन फिर भी सातवीं रात के खौफ का सामना कर पाने की हिम्मत न होने के चलते वह कैसल की छत से कूद जाती है और शो एक अभूतपूर्व कामयाबी के साथ अपना सफर खत्म करता है।

Written By:
Ashfaq Ahmad
Bilingual author, blogger, publisher, and cultural columnist with over 70 books in Hindi and English. Founder of Gradias Publishing House and chief editor of Aakharwani, specializing in crime thrillers, espionage, and sci-fi.
Published by Gradias Publishing House

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