राकस
- ₹250.00
- by
- Book: Raakas
- Paperback: 242 pages
- Publisher: Gradias Publishing House
- Language: Hindi
- ISBN-13: 978-81-69082-28-0
- Product Dimensions: 22 x 14 x 2 cm
राकस: तकनीक और जासूसी के बीच चल रहा खतरनाक ऑपरेशन
राकस स्पाईवर्स की सातवीं कहानी है, जिसमें आधुनिक तकनीक और जमीन पर चल रहे सशस्त्र संघर्ष एक-दूसरे से जुड़ते हैं। कहानी के केंद्र में एक ऐसा उन्नत एआई प्रोग्राम है जो किसी व्यक्ति की आवाज़, पहचान और डिजिटल मौजूदगी को इस तरह बदल सकता है कि असली और नकली के बीच अंतर करना बेहद कठिन हो जाए।
इसी तकनीक के जरिए रॉ से जुड़े कई एजेंट अलग-अलग जगहों पर फंसाए जाते हैं। घटनाओं से संकेत मिलता है कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क है, जिसकी डिजिटल सिस्टम्स तक गहरी पहुंच है।
मामला इंद्रप्रस्थ इंटेलिजेंसिया को सौंपा जाता है और मिशन के लिए आरव आकाश तथा सबीना शाह को कांगो के गोमा क्षेत्र में भेजा जाता है।
गोमा पहले से ही विभिन्न सशस्त्र गुटों के संघर्ष से प्रभावित क्षेत्र है। खनिज संसाधनों पर नियंत्रण, स्थानीय ताकतें और बाहरी हित वहां की परिस्थितियों को लगातार अस्थिर बनाए रखते हैं। ऐसे माहौल में किसी गुप्त ऑपरेशन को अंजाम देना अपने आप में चुनौती बन जाता है।
सबीना का उद्देश्य राकस प्रोग्राम को संचालित करने वाले नेटवर्क तक पहुंचना और उसे निष्क्रिय करना है। दूसरी ओर आरव आकाश एक ऐसे एसेट से जुड़े मिशन में उलझता है जिसकी स्थिति पूरे ऑपरेशन को और पेचीदा बना देती है।
जांच आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होता है कि खतरा केवल एआई प्रोग्राम तक सीमित नहीं है। इसके पीछे स्थानीय संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय हित और अलग-अलग स्तरों पर सक्रिय एजेंसियों के संबंध भी दिखाई देने लगते हैं।
राकस साइबर तकनीक और जमीनी जासूसी को एक साथ लाती है, जहां डिजिटल दुनिया में बदली गई पहचान और वास्तविक दुनिया के संघर्ष एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।







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