स्याह-सफ़ेद
- ₹250.00
- by
- Book: Syah-Safed
- Paperback: 212 pages
- Publisher: Gradias Publishing House
- Language: Hindi
- ISBN-13: 978-8169082457
- Product Dimensions: 22 x 14 x 2 cm
स्याह-सफ़ेद: पाकिस्तान में डेविड फ्रांसिस का सबसे खतरनाक कांड
‘स्याह-सफ़ेद’ क्राइम फिक्शन विद डेविड फ्रांसिस सीरीज़ का ‘सिकारियो’ के बाद नौवां उपन्यास है। इसके साथ डेविड की उन शुरुआती कहानियों का एक चरण पूरा होता है, जिन्हें वह अपने अतीत को याद करते हुए आत्मकथात्मक अंदाज़ में दर्ज कर रहा है।
क्रम में दसवीं कहानी ‘डेढ़ सयानी’ पहले ही प्रकाशित हो चुकी है, जिसमें डेविड एक पूरी तरह विकसित किरदार के रूप में सामने आता है। लेकिन उस मुकाम तक पहुंचने की कहानी इन नौ शुरुआती कड़ियों में छिपी है।
‘काया पलट’ और ‘ए डैमसेल इन डिस्ट्रेस’ फिज़ी में, ‘डार्क साइड’, ‘ओरका केरास्टा’, ‘साइको सिमोन’ और ‘द ब्लडी मानसून’ न्यूजीलैंड में दर्ज हुईं। ‘सिकारियो’ के बाद अब ‘स्याह-सफ़ेद’ डेविड के आस्ट्रेलिया प्रवास के दौरान दर्ज की गई अगली कहानी है।
इस बार डेविड का रास्ता पाकिस्तान तक पहुंचता है।
मैक्सिको के बाद कनाडा में लंबे समय तक अपेक्षाकृत शांत रहने के बाद वह एक पाकिस्तानी मित्र के साथ पेशावर पहुंचता है। लेकिन वहां पहुंचने के कुछ ही समय बाद उसकी पुरानी आदत फिर लौट आती है—एक ऐसी महिला की मदद करने की कोशिश, जो मुसीबत में दिखाई देती है और जिसके कारण डेविड एक बार फिर खुद को खतरे के बीच खड़ा कर देता है।
पाकिस्तान में स्थिति जल्द ही उसकी अपेक्षाओं से कहीं अधिक जटिल हो जाती है। भारतीय पासपोर्ट के साथ वहां छोटी-सी गलती भी गंभीर परिणाम ला सकती है। ऊपर से जिस महिला की मदद के लिए डेविड आगे आता है, वह स्वयं उस साजिश का हिस्सा निकलती है।
कहानी में कई ऐसे पात्र सामने आते हैं जिनकी वास्तविक निष्ठा समझना आसान नहीं है। कोई पति की हत्या के जरिए अपनी आजादी चाहता है, कोई कश्मीर में संभावित हमले को रोकना चाहता है, कोई अपने संगठन से गद्दारी करने वाले व्यक्ति को खोज रहा है और कोई खुद को पीड़ित दिखाकर डेविड को अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करता है।
इसी बीच आईएसआई से जुड़ा एक व्यक्ति अपने ही तंत्र में मौजूद संदिग्ध लोगों की तलाश कर रहा है और डेविड को एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है।
पेशावर से स्वात और कश्मीर तक फैलती यह कहानी आईएसआई, आर्मी, आईएसकेपी और टीटीपी से जुड़े पात्रों, ड्रग और हथियारों की तस्करी, आतंकवादी गतिविधियों तथा पैसों के एक बड़े खेल को आपस में जोड़ती है।
डेविड के लिए यह सिर्फ एक और मिशन नहीं रह जाता। घटनाएं इतनी गंभीर हो जाती हैं कि उसे एक वांटेड अपराधी के रूप में अवैध तरीके से सीमा पार करने तक की स्थिति का सामना करना पड़ता है।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में असली सवाल यही है—सच क्या है और झूठ क्या?
कौन किसका इस्तेमाल कर रहा था? कश्मीर में होने वाली कथित कार्रवाई के पीछे असली मकसद क्या था? उस पैसे का संबंध क्या था जिसके पीछे इतनी जिंदगियां दांव पर लग गईं?
‘स्याह-सफ़ेद’ डेविड फ्रांसिस के सफर का वह अध्याय है, जहां हर चेहरा अपनी वास्तविक पहचान छिपाए हुए दिखाई देता है।
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