Ashfaq Ahmad
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कहानी जंक्शन

  

  • ₹250.00
  • by Ashfaq Ahmad  (Author)
  • Book: Kahani Junction
  • Paperback: 208 pages
  • Publisher: Gradias Publishing House
  • Language: Hindi
  • ISBN-13: 978-81-999293-2-6
  • Product Dimensions: 22 x 14 x 2 cm

कहानी जंक्शन: आठ कहानियाँ, आठ संघर्ष और उम्मीद की अलग-अलग राहें

कहानी जंक्शन आठ कहानियों का संग्रह है, जिनका संबंध हमारे आसपास के सामाजिक और मानवीय जीवन से है। इनमें पितृसत्ता, सामाजिक उपेक्षा, अपूर्णता, विकलांगता, अकेलापन, इंटरनेट से बने रिश्ते और जीवन में देर से शुरू होने वाली नई यात्राएँ जैसे विषय सामने आते हैं। इन कहानियों की खासियत यह है कि उनका अंत केवल अंधेरे में नहीं होता; किसी न किसी स्तर पर वे उम्मीद की संभावना तलाशती हैं।

पहली कहानी बागी लड़कियां दो ऐसी युवतियों की कथा है जो पुरुष वर्चस्व को अपनी नियति मानने से इनकार करती हैं। वे अपने फैसले खुद लेना और अपनी स्वतंत्र पहचान बनाना चाहती हैं। इसके लिए उन्हें लगातार विरोध झेलना पड़ता है, लेकिन आगे बढ़ने के बाद भी उनके सामने एक ऐसा निर्णय आता है जो उन्हें फिर समाज के निशाने पर ला खड़ा करता है।

कहानी जंक्शन तीन अलग-अलग सामाजिक पृष्ठभूमि की महिलाओं को एक साथ लाती है। तीनों के जीवन में दुख और पुराने गलत फैसलों का बोझ है। लेकिन एक-दूसरे के साथ अपने अनुभव बाँटते हुए उन्हें यह समझ आता है कि अतीत के बावजूद जीवन को फिर से शुरू किया जा सकता है।

अधूरी ऐसी लड़की की कहानी है जो अपनी पहचान और अपने भीतर मौजूद कमी के कारण लगातार उपेक्षा झेलती है। उसे उम्मीद एक ऐसे युवक से दिखाई देती है जिसे समाज आवारा और असफल मानता है, लेकिन जिसे वह अपने प्रति बिना किसी पूर्वाग्रह के स्वीकार करने वाला एकमात्र व्यक्ति समझती है।

अंधेरे से उजाले की ओर विकलांगता और अवसाद से जूझ रहे एक व्यक्ति के जीवन में आने वाले बदलाव को केंद्र में रखती है। एक लड़की का झूठ उसके जीवन में प्रवेश करता है, लेकिन वही परिस्थिति धीरे-धीरे उसके नकारात्मक विचारों को बदलने का कारण बनती है। अंततः वह अपनी अपंगता को स्वीकार कर जीवन को नए तरीके से जीना सीखता है।

उजले जीवन की स्याह सांझ आर्थिक रूप से संपन्न लेकिन अकेले पड़ चुके उन लोगों की समस्या को सामने लाती है जिनके बच्चे महानगरों या विदेशों में अपनी जिंदगी बसा लेते हैं। कहानी का पात्र अपनी नियति को स्वीकार करने के बजाय बचे हुए जीवन को अपने तरीके से अर्थ देने का फैसला करता है।

कनेक्शन इंटरनेट के माध्यम से जुड़े दो अजनबियों की कहानी है। दोनों के जीवन में खालीपन और असंतोष है। उनके बीच बना संवाद उन्हें अपने दर्द को साझा करने और जीवन को थोड़ी अलग दृष्टि से देखने की प्रेरणा देता है, हालांकि उनके रिश्ते का भविष्य अंत तक अनिश्चित रहता है।

सातवीं कहानी मधुरिमा पचास वर्ष की उस महिला की कथा है जिसने जीवन भर जिम्मेदारियाँ निभाईं और कठिनाइयों से जूझती रही। जिम्मेदारियों से मुक्त होने के बाद वह पहली बार अपनी इच्छाओं और पुराने सपनों के बारे में सोचती है और उन्हें पूरा करने के लिए अकेले ही घर से निकल पड़ती है।

इस तरह कहानी जंक्शन की आठों कहानियाँ अलग-अलग परिस्थितियों से गुजरते पात्रों को सामने लाती हैं, लेकिन उनके भीतर एक साझा भाव मौजूद है—कठिन समय के बाद भी जीवन को नए सिरे से देखने की संभावना।


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